AYUSH JAISWAL
Friday, 27 March 2026
भारत में बिजली का उत्पादन कैसे होता है?
लॉकडाउन लागू नहीं किया जाएगा: सरकार
Thursday, 26 March 2026
ईरान की शर्तें | अंकित अवस्थी सर |
Wednesday, 25 March 2026
हिंदी शायरी कलेक्शन
❛तकदीर ने चाहा जैसे ढल गये हम,
बहुत संभल के चले फिर भी फिसल गये हम।
किसी ने विश्वास तोड़ा किसी ने दिल,
और लोगों को लगता है की बदल गये हम।❜
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"हर प्यार में एक एहसास होता है,
हर काम का एक अंदाज होता है,
जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर,
हर किसी को अपनी पसंद पे नाज़ होता है."
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*हमने लाख समझाया कि यूं ना मिलो गैरों से,,
**वो हंस के कहने लगे तुम भी तो पहले गैर थे.!!
जिसे इश्क हो जाए वो कैसे soyega.. कभी चुप-चुप के royega.. कभी तकिया bhigoyega.. बड़ा नादान हो तुम तो, जरा samjha karo बाते.. जो गले मिलके रोता है.. सोचो bichhadke कितना royega.. 😇
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दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है.. मिल जाए तो मिट्टी है, खो जाए तो सोना है!
-निदा फ़ाज़ली
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थी आरज़ू की हर कोई जाने मुझे,
अब ये तलब है कि मैं गुमनाम ही रहूँ!
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मुसाफिर कल भी था, मुसाफिर आज भी हूँ..कल अपनों की तलाश में था, आज अपनी तलाश में हूँ।
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उसकी एड़ी पर्वत चोटी लगती है,
माँ के पाँव से जन्नत भी छोटी लगती है। ❤
न हम-सफ़र न किसी हम-नशीं से निकलेगा,
हमारे पाँव का काँटा हमीं से निकलेगा।
हादसों की ज़द पे हैं तो मुस्कुराना छोड़ दें,
ज़लज़लों के ख़ौफ़ से क्या घर बनाना छोड़ दें..
-तहज़ीब मेरे मुल्क की क्या कहिए जनाब!!
यहाँ बेटी, गुड़िया भी ख़रीदे तो.....दुपटटा साथ लेती है!!
-जल जीता, जीता गगन और जीत लिया संसार लेकिन जब तक दिल न जीत सके, सब जीत है बेकार..
धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) का अनुसूचित जाति (SC) के दर्जे पर क्या असर पड़ता है?
अनुसूचित जनजाति (ST) के मामले में धर्म परिवर्तन के बाद भी दर्जा बरकरार रहने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. परिभाषा का आधार: 'जाति' बनाम 'संस्कृति'
अनुसूचित जातियों (SC) का निर्धारण ऐतिहासिक रूप से 'छुआछूत' और हिंदू समाज की वर्ण व्यवस्था के आधार पर किया गया था। यही कारण है कि Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950 के अनुसार, केवल हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म मानने वाले व्यक्ति ही SC का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं।
इसके विपरीत, अनुसूचित जनजातियों (ST) की पहचान का आधार 'नृवंशविज्ञान' (Ethnography) और उनकी विशिष्ट संस्कृति है। किसी समुदाय को ST घोषित करने के लिए मुख्य मानक ये हैं:
- आदिम लक्षण (Primitive traits)
- विशिष्ट संस्कृति (Distinctive culture)
- भौगोलिक अलगाव (Geographical isolation)
- पिछड़ापन (Backwardness)
चूंकि ये मानक किसी विशेष धर्म से नहीं जुड़े हैं, इसलिए व्यक्ति चाहे किसी भी धर्म को माने, उसकी जनजातीय पहचान और उससे जुड़े आर्थिक-सामाजिक पिछड़ेपन को बदला हुआ नहीं माना जाता।
2. संवैधानिक प्रावधान (Article 342)
संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत राष्ट्रपति द्वारा जारी Constitution (Scheduled Tribes) Order, 1950 में धर्म का कोई उल्लेख नहीं है। इसमें केवल उन समुदायों की सूची दी गई है जिन्हें 'अनुसूचित जनजाति' माना जाएगा। SC ऑर्डर के उलट, इसमें ऐसी कोई शर्त नहीं जोड़ी गई है कि व्यक्ति को किसी विशिष्ट धर्म का पालन करना अनिवार्य है।
3. कानूनी और न्यायिक मिसालें
भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने भी कई फैसलों में यह स्पष्ट किया है कि:
"एक व्यक्ति अपनी जनजाति का सदस्य केवल इसलिए नहीं रह जाता कि उसने दूसरा धर्म अपना लिया है। जब तक वह अपनी जनजाति के रीति-रिवाजों, परंपराओं और समुदाय के साथ जुड़ा रहता है, उसे ST के लाभ मिलते रहेंगे।"
Tuesday, 24 March 2026
Active Euthanasia vs Passive Euthanasia
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1. संसद (लोकसभा) में संबोधन: पश्चिम एशिया संकट पीएम मोदी ने आज लोकसभा में चल रहे पश्चिम एशिया (West Asia) संघर्ष पर चिंता जताई और भारत...