मंगल पांडे 🌟
(19 जुलाई 1827 - 08 अप्रैल 1857)
✨उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ था।
✨वे बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की 34वीं रेजिमेंट में एक सिपाही थे।
✨उन्होंने बैरकपुर छावनी में 'एनफील्ड राइफल' के उन कारतूसों का विरोध किया, जिनमें गाय और सुअर की चर्बी होने की पुष्टि हुई थी।
✨29 मार्च, 1857 को उन्होंने विद्रोह का बिगुल फूंकते हुए अंग्रेज़ अधिकारी मेजर ह्यूसन और लेफ्टिनेंट बॉब पर प्रहार किया।
✨उन्होंने "मारो फिरंगी को" का ऐतिहासिक नारा दिया, जो आगे चलकर पूरे देश में क्रांति का उद्घोष बना।
✨वे सैन्य विद्रोह के माध्यम से विदेशी शासन की जड़ों को हिलाने वाले पहले भारतीय सैनिक बने।
✨उन्हें 8 अप्रैल, 1857 को बैरकपुर (पश्चिम बंगाल) में निर्धारित तिथि से 10 दिन पूर्व ही फाँसी दे दी गई।
✨उनके बलिदान ने मेरठ, दिल्ली और कानपुर सहित समूचे उत्तर भारत में 1857 की महान क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित की।
⚡भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया और उनकी शहादत को 'भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम युद्ध' के बीज के रूप में स्वीकार किया।
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