16.4.26

Nashik TCS Case In Hindi

महाराष्ट्र के नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की BPO यूनिट इस समय एक बेहद गंभीर विवाद के केंद्र में है। अप्रैल 2026 में सामने आए इस मामले में यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) और जबरन धर्मांतरण (Religious Conversion) के आरोप लगे हैं।

​यहाँ इस केस की मुख्य जानकारी दी गई है:

मामले की मुख्य बातें

  • आरोप: कंपनी की कई महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले 2-3 सालों से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। साथ ही, उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने, नमाज पढ़ने, रोजे रखने और मांसाहार (बीफ) खाने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

  • SIT की जांच: महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एक ACP स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।

  • मुख्य आरोपी:
    • निदा खान (HR एग्जीक्यूटिव): आरोप है कि निदा खान ने शिकायतों को दबाया और कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया। वह फिलहाल फरार बताई जा रही हैं।

    • अश्विनी चनैनी (ऑपरेशंस हेड): हैरानी की बात यह है कि वह कंपनी की POSH (यौन उत्पीड़न निवारण) कमेटी का हिस्सा थीं, फिर भी उन पर आरोपियों का साथ देने का आरोप है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

    • ​अन्य कई टीम लीडर्स और इंजीनियर्स को भी इस मामले में हिरासत में लिया गया है।

पुलिस और कंपनी की कार्रवाई

  1. गुप्त ऑपरेशन: नासिक पुलिस ने इस रैकेट का भंडाफोड़ करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कंपनी के अंदर तैनात किया था ताकि सबूत जुटाए जा सकें।

  1. वर्क फ्रॉम होम (WFH): हालात को देखते हुए TCS ने नासिक कैंपस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और सभी कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' दे दिया है।

  1. टाटा ग्रुप का रुख: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इसे "बेहद चिंताजनक और दुखद" बताया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वे ऐसी हरकतों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हैं और आंतरिक जांच भी जारी है।

  1. विदेशी फंडिंग का शक: पुलिस अब इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की भी जांच कर रही है, क्योंकि मलेशिया के किसी व्यक्ति का नाम भी इस नेटवर्क में सामने आया है।

ताजा स्थिति

​पुलिस ने अब तक 9 से अधिक FIR दर्ज की हैं और पीड़ित महिलाओं की संख्या भी बढ़ रही है। इस मामले ने महाराष्ट्र में राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है, जहाँ कई नेताओं ने इसे 'कॉर्पोरेट जिहाद' करार देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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