कहा जाता है कि माता रानी के दर्शन वही लोग कर पाते हैं जिसका बुलावा आता है..और यह बात 100 प्रतिशत सत्य भी है। जो लोग माता रानी के दर्शन कर चुके होंगे उनको इसका आभास जरूर होगा। तो आइए बात करते हैं माता वैष्णो देवी जी के दरबार कैसे जाएं?..अगर आप भी माता रानी के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो ट्रेन टिकट 2 महीने पहले ही सुबह 8 बजे IRCTC के एप्लीकेशन से बुक कर लें तभी कन्फर्म सीट मिल पाएगी। कोशिश यही करिए कि सीधे कटरा रेलवे स्टेशन का टिकट मिल जाए और अगर नहीं मिल पाता तो जम्मू तवी का बुक करके वही से या तो दूसरा ट्रेन ले लीजिए या बस जिसका किराया 80 से 150 तक पर पर्सन हो सकता है, से कटरा जा सकते हैं। कटरा चौराहे के पास ही आपको होटल्स और धर्मशाला आसानी से मिल जाता है। नहा करके बस स्टैण्ड के पास ही RFID यात्रा कार्ड बनवा कर शाम 6 बजे तक भवन के लिए निकल जाइए। 12am से 1am बजे तक आप अर्धकुंवारी माता मंदिर पहुंच जाएंगे। वहां पर टिकट लेकर एक घंटे में अर्धकुंवारी में दर्शन करके भवन के लिए निकल जाइए। भवन के पास विश्रामालय है, वहां से कंबल लेकर आराम करिए, जिसके लिए आपको 100rs पर कंबल जमा कराने होते हैं। कंबल सुबह 5 बजे या 6 बजे वापस करके आपको पैसे वापस मिल जाते हैं। सुबह नहा कर 8 बजे अपना समान डिजिटल लॉकर में जमा कराकर जिसका फीस 50 रुपए पर लॉकर लगते हैं मातारानी के दर्शन के लिए लाइन में लग जाएं। क्योंकि आरती के बाद सुबह 8 बजे से दर्शन शुरू हो जाते हैं। मातारानी के दर्शन के बाद आप बाहर आकर कुछ नाश्ता पानी करके भैरव बाबा के दर्शन के लिए रोपवे का टिकट ले लीजिए। जिसके लिए आपको 100 रुपए पर पर्सन आने जाने के लिए देने होते हैं। भैरव बाबा के दर्शन करके आप वहां ऊपर से मातारानी के भवन का भव्य दर्शन भी करने को पाएंगे।
कुछ ध ् यान देने वाली बातें-
1) ट्रेन में अपने सामान का ध्यान रखें।
2) स्टेशन पर कही गाड़ी रुके तो और सतर्क रहें।
3) स्टेशन का पानी पीने से बचें।
4) RFID कार्ड जरूर बनवा लें, जिसके लिए आधार पास में रखें।
5) बारिश के मौसम में भीगते हुए चढ़ाई न करें।
6) रुकते हुए जाएं।
7) ग्रुप के साथ ही रहें।
8) रोपवे का ऑनलाइन टिकट निकलवा लें इससे आपको घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।
9) भवन के पास डोरमेट्री के लिए भी ऑनलाइन टिकट जरूरी है।
10) चढ़ाई करते समय जगह जगह आपको निर्मल जल और अच्छे खाने पीने के शॉप मिल जाएंगे तो आपको खाने पीने का सामान लेके जाने की जरूरत नहीं है।
11) चढ़ाई करते समय सीढ़ी का प्रयोग न करें।
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